सार● कक्षा 10 ●अध्याय 4
कृषि अध्याय का सार ● कृषि एक प्राथमिक क्रिया है एवं भारत की दो-तिहाई जनसंख्या कृषि कार्य में संलग्न है। ● प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि भूमि के छोटे टुकड़ों पर आदिम कृषि औजारों जैसे लकड़ी के हल, डाओ और खुदाई करने की छड़ी तथा परिवार अथवा समुदाय श्रम की सहायता से की जाती है। इसे कर्तन दहन प्रणाली ( Slash and burn system ) कहते हैं। ● गहन जीविका कृषि उन क्षेत्रों में की जाती है जहां पर जनसंख्या का दबाव अधिक होता है। इसमें अधिक उत्पादन के लिए अधिक मात्रा में जैव-रसायनिक निवेशों और सिंचाई का प्रयोग किया जाता है। ● वाणिज्यिक कृषि के मुख्य लक्षण आधुनिक निवेशों जैसे अधिक पैदावार देने वाले बीजों, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रयोग से उच्च पैदावार प्राप्त करना है। रोपण कृषि भी एक प्रकार की वाणिज्य खेती है। भारत में चाय, कॉफी, रबड़, गन्ना, केला इत्यादि महत्वपूर्ण रोपण फसलें हैं। ● ऋतु के आधार पर फसलों का वर्गीकरण तीन प्रारूपों में किया जाता है- रबी की फसल - यह अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती है और मार्च-अप्रैल में क...